लोकतंत्र की मजबूरी
किसी भी राष्ट्र में लोकतंत्र का होना अपने आपमें बहुत गर्व और संतोष का विषय होता है। लोकतंत्र मतलब नागरिकों को पसंद का अधिकार, लोकतंत्र मतलब व्यक्ति के मौलिक अधिकारों की गारंटी, लोकतंत्र मतलब बोलने की आजादी, सरकार चुनने का अधिकार, लोकतंत्र मतलब सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्राप्त होने की गारंटी। कुल मिलाकर कहा जाए तो लोकतंत्र स्वयं में नागरिकों के लिए अनेकों प्रकार कि उदारवादी समाजवादी खूबियां लिए हुए है जो किसी भी कीमत पर सभी नागरिकों मिलना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था को विश्व में सबसे बेहतर व्यवस्था माना गया है। हमारे देश में अंग्रेजो से लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के साथ-साथ राजनीतिक प्रशासनिक प्रबुद्ध लोगों के अतुलनीय योगदान से स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही लोकतंत्र कि स्थापना की गई। ताकि इस लोकतंत्र के झंडे के नीचे सभी अमीर-गरीब, अगले पिछड़े, शिक्षित-अशिक्षित सबका सामूहिक और समावेशी विकास हो सकें। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इसी व्यवस्था का हाथ थामें हमने आजादी लेकर अबतक विकास के सभी क्षेत्रों में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। ...