उम्मीदों में निवेश
अगर कोई भी चाहे कि उसे सबकुछ बड़ी आसानी से सर्वसुलभ हो जाए तो यह असंभव है। प्रत्येक वांछित फल या परिणाम के हेतु सही दिशा में परिश्रम पहली आवश्यक शर्त होती है। यूं भी हम चाहे या न चाहे फिर भी जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को अपना कुछ ना कुछ निवेश करना ही पड़ता है। हर कोई अपनी जरूरत, प्राथमिकता, पसंद या नापसंद, इच्छा या बिना इच्छा के भी, अच्छाई का बुराई का, समय का, धन का, व्यवहार का, मान-अपमान का, सोच का, सुख-दुख का, अलग-अलग प्रकार का निवेश करता जाता है। जिसके पास जो भी तत्व अधिक होगा वह उसका अधिकतम निवेश करेगा। इसके अलावा जिसकी जैसी सोच या मानसिक स्थिति होती है वह उस हिसाब से उतना निवेश करता है। अच्छी बातों का निवेश अच्छे उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। नकारात्मकता के निवेश से पतन के सिवाय कुछ भी नहीं मिलने वाला। दुनिया में कईयों ऐसे लोग भी हैं जो कुछ भी निवेश नहीं करते है केवल जिंदा है लेकिन फिर भी वे किसी न किसी बहाने समय तो गवां रहे होते है। हमें निवेश और खर्च करने के बीच का स्पष्ट अंतर मालूम होना चाहिए। कई ऐसे लोग हैं ज...