क्या मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम जीवन के सभी मूल्यों पर नैतिक थे? अपने विचार रखे।
यह सर्वविदित है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हिंदुओ के आराध्य भगवान है। उन्होंने अपने युग में उच्चतम मर्यादाओं का पालन करके उच्च जीवन चरित्र और सर्वोच्च आदर्शों का प्रतिमान स्थापित किया। यह भी सत्य है कि श्री राम के बराबर मर्यादाओं का पालन शायद ही किसी ने किया हो, इसीलिए वे बहुत बड़े जन समूह के आराध्य है। मर्यादाओं का पालन करते हुए उन्होंने अपने आचरण को साफ स्वच्छ, आज्ञाकारी और दयालु जन उद्धारक ही बनाए रखा। उन्होंने एक पुत्र, पति, राजकुमार, राजा, मित्र, पिता जैसे दायित्वों का पालन एवं निर्वहन में तमाम उच्च आदर्शों का अनुसरण किया और स्वयं को इन मर्यादाओं में बांधे रखा इसलिए "मर्यादा पुरुषोत्तम" कहलाएं साथ में भगवत्ता को प्राप्त किया। व्यक्ति के सामाजिक आचरण की वे सीमाएं जो व्यक्ति को झूठा, अनैतिक या गलत आचरण करने से रोकती है, "सकारात्मक मूल्य" कहलाती है। मूल्यों का व्यक्ति के आचरण, व्यक्तित्व तथा कार्यों पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। अब मूल प्रश्न यह है कि क्या मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जीवन के सभी मूल्यों पर नैतिक थे? इस प्रश्न का मूल्यांकन विभिन्न पहलुओं...